मध्य प्रदेश में शराबबंदी की तैयारी, शिवराज सरकार कर रही माथापच्ची

गुजरात और बिहार की तरह अब मध्य प्रदेश में भी शराब पर प्रतिबंध को लेकर विचार चल रहा है। एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक राज्य में शिवराज सिंह चौहान की सरकार अगले साल गांधी जंयती तक प्रदेश में शराबबंदी लागू कर सकती है।
साथ ही अगले विधान सभा चुनाव में शराबबंदी का मुद्दा बीजेपी के चुनावी घोषणा- पत्र का हिस्सा होगा। मध्य प्रदेश में  2018 में विधानसभा चुनाव होने है। जिसको लकेर शिवराज सरकार अभी से ही तैयारी में जुटती हुई दिख रही है।
पार्टी के आंतरिक सूत्रों की माने तो राज्य के मंत्री, नौकरशाहों सहित मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अधिकारिक रूप से घोषणा किये बिना शराबबंदी के समर्थन में है। बताया ये भी जा रहा है कि राज्य में कैसे और कब शराबबंदी की जाये इसको लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने विशेषज्ञों की टीम तैयार की है।यह टीम गुजरात और बिहार में शराबबंदी को लेकर अध्यन करेगी। वहीं शराबबंदी को लेकर प्रदेश सरकार के करीबी अधिकारी ने बताया कि व्यावहारिक रूप से देखा जाये तो बिहार की तर्ज पर मध्य प्रदेश में शराबबंदी के लिए नियम में संशोधन करना बहुत मुश्किल है।

अभी लगभग 8,000-8500 करोड़ रुपये का राजस्व केवल शराब से मिलता है। इसके अलावा राजस्व कोई भी दूसरा स्त्रोत नहीं है। जिसको लेकर विशेषज्ञों की टीम यह सुनिश्चित करेगी कि राजस्व के लिए दूसरे और कौन से विकल्प हो सकते हैं।

इस पूरे मुद्दे पर प्रदेश के वाणिज्यिक कर मंत्री जयंत कुमार मलैया का कहना है कि शराब पर पूरी पाबंदी पर सरकार की अभी कोई योजना नहीं है। अभी हमने केवल 58 शराब की दुकानों पर प्रतिबंध लगाया है।  ये सभी दुकाने नर्मदा नदी के किनारे वाली दुकाने है।

मंत्री ने साथ में यह भी कहा कि अगर प्रदेश में शराबबंदी होती है तो इससे राज्य का राजस्व तो जरुर प्रभावित होगा। खबरों की माने तो अगले साल 2018 में प्रदेश में विधानसभा चुनाव भी है जिसको लेकर बीजेपी सरकार अभी से तैयारी कर रही है। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि अगली गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर को पूरे राज्य में शराबबंदी लागू कर दी जायेगी।

मध्य प्रदेश में फिलहाल नर्मदा नदी के आस-पास से शराब के लिए नमामी देवी नर्मदे नाम से शराबबंदी का प्रचार किया जा रहा है। ये प्रचार मुख्यमंत्री शिवाराज सिंह चौहान के कहने पर चलाया जा रहा है। शिवराज सिंह का कहना है कि नर्मदा नदी के आस-पास कोई भी शराब की दुकान नहीं होनी चाहिए।

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