अर्थव्यवस्था में उतार के बावजूद मोदी सरकार की विश्वसनीयता कायम रहने सहित दिन के बड़े समाचार

दिन के सबसे बड़े समाचार, संक्षेप में

अर्थव्यवस्था में उतार के बावजूद मोदी सरकार की विश्वसनीयता बरकरार : सर्वे

अर्थव्यवस्था के कई प्रमुख क्षेत्रों की ख़राब हालत के लिए आलोचना झेल रही केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के लिए एक अच्छी ख़बर आई है. एक सर्वे के मुताबिक़ भारत के 85 प्रतिशत नागरिक अभी भी मोदी सरकार पर भरोसा करते हैं. प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वे में पता चला कि साल 2012 के बाद भारत की अर्थव्यवस्था में औसतन 6.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, इसके बावजूद देश के अधिकतर नागरिक (85%) सरकार पर भरोसा रखते हैं. (विस्तार से)

श्रीसंत फिर मुश्किल में, केरल हाईकोर्ट ने आजीवन प्रतिबंध बहाल किया

केरल उच्च न्यायालय ने मंगलवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा क्रिकेटर एस श्रीसंत पर लगाए गए आजीवन प्रतिबंध को बहाल कर दिया. बीसीसीआई ने केरल उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर उन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी. बीसीसीआई का कहना था कि श्रीसंत पर प्रतिबंध लगाने का फैसला उनके खिलाफ मिले सबूतों के आधार पर लिया गया है. श्रीसंत ने इसे अब तक का सबसे बुरा फैसला बताया है. ( विस्तार से)

अगर कोई देश अपनी विरासत पर गर्व करना नहीं जानता तो वह आगे नहीं बढ़ सकता : नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में देश के पहले अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) का उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्होंने कहा, ‘कोई भी देश विकास करने की तमाम कोशिशों के बावजूद तब तक सफल नहीं हो सकता है, जब तक वह अपने इतिहास और अपनी विरासत पर गर्व करना नहीं जानता है.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि अपनी विरासत भुलाकर आगे बढ़ने वाले देशों की पहचान खत्म होनी तय होती है. (विस्तार से)

राजस्थान : उपचुनाव जीतने के लिए भाजपा सरकार पर चिकित्सा व्यवस्था को ताक पर रखने का आरोप

राजस्थान में उपचुनावों से ठीक पहले चिकित्सकों के तबादलों को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं. खबरों की मानें तो प्रदेश की भाजपा सरकार ने मतदाताओं को रिझाने के लिए राजधानी जयपुर समेत 12 अन्य जिलों से 68 चिकित्सकों का तबादला उपचुनाव वाले क्षेत्रों में किया है. राजस्थान में जल्द अजमेर और अलवर लोकसभा सीट के अलावा मांडलगढ़ विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव होना है. (विस्तार से)

राष्ट्रीय दलों में भाजपा सबसे अमीर, कांग्रेस भी ज्यादा पीछे नहीं

भाजपा देश की सातों राष्ट्रीय पार्टियों में सबसे अमीर है. एसोसिएशन ऑफ़ डेमोक्रेटिक रिफ़ॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा ने 2015-16 में अपनी कुल संपत्ति 894 करोड़ रुपये घोषित की थी. इसके बाद दूसरे नंबर पर कांग्रेस है जिसके पास 759 करोड़ रुपये की संपत्ति की घोषणा की थी. इसमें यह भी सामने आया है कि इस अवधि में भाजपा पर 25 करोड़ रुपये क़र्ज़ था. इस मामले में कांग्रेस भाजपा से आगे है, जिस पर 329 करोड़ रुपये क़र्ज़ था. (विस्तार से)

सपा नेता आज़म खान का मानना है कि राष्ट्रपति भवन ग़ुलामी का प्रतीक है, इसे ढहा देना चाहिए

ताजमहल को लेकर बयानबाजी का सिलसिला जारी है. मंगलवार को सपा नेता आज़म खान ने कहा, ‘मैं पहले ही कह चुका हूं. अब फिर अपनी बात दोहराता हूं. सिर्फ ताज़महल ही नहीं राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, क़ुतुब मीनार, लाल क़िला, ये सब ग़ुलामी के प्रतीक हैं.’ उन्होंने आगे कहा कि इनके साथ और भी जितने ग़ुलामी के प्रतीक हैं उन सभी को ढहा देना चाहिए. (विस्तार से)

पंजाब : लुधियाना में आरएसएस-भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या

पंजाब के लुधियाना में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े रविंदर गोहेन की हत्या कर दी गई. रविंदर गोहेन भाजपा से भी जुड़े थे. उनके बेटे दीपक कुमार ने बताया, ‘वे सुबह-सुबह शाखा से लौटकर घर के बाहर बैठे थे. कुछ देर बाद उन्हें दुकान के लिए निकलना था. तभी चेहरा ढंके हुए दो लोग मोटरसाइकिल से घर के बाहर आए. उन्होंने पिता जी को नाम लेकर बुलाया. जब वे उनके पास पहुंचे तो हमलावरों ने उन्हें गोली चला दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.’ (विस्तार से)

राजस्थान : वॉट्सएप पर अफवाह के बाद पुलिसकर्मियों का राजनाथ सिंह को गार्ड ऑफ़ ऑनर देने से इनकार

राजस्थान की सरकार और पुलिस को वॉट्सएप की वजह से शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है. वॉट्सएप पर राज्य सरकार द्वारा पुलिसकर्मियों के वेतनमान में कटौती का मैसेज वायरल होने के बाद पुलिसकर्मी विरोध पर उतर आए. इनमें वे पुलिसकर्मी भी शामिल थे, जिन्हें गृहमंत्री राजनाथ सिंह को जोधपुर में गार्ड ऑफ़ ऑनर देना था. खबरों के मुताबिक सोमवार को जब गृहमंत्री राजनाथ सिंह जोधपुर पहुंचे तो उन्हें गार्ड ऑफ़ ऑनर देने के लिए पुलिसकर्मी ही नहीं थे. (विस्तार से)

कश्मीर में बाढ़ से तबाही हुई थी, पर चुनाव की घोषणा नहीं टाली गई : पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त

गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव एकसाथ न कराने के चुनाव आयोग के फ़ैसले पर एक और पूर्व चुनाव आयुक्त (सीईसी) ने सवाल उठाया है. एसवाई क़ुरैशी के बाद अब पूर्व सीईसी टीएस कृष्णमूर्ति ने कहा है कि यह पूरा विवाद बेहतर प्रबंधन के साथ टाला जा सकता था. उन्होंने आगे कहा, ‘वे एक हफ़्ता पहले या बाद में दोनों राज्यों के चुनाव एकसाथ घोषित कर सकते थे. मैं यह नहीं देख पा रहा कि फ़ैसला प्रभावित था या नहीं. लेकिन मेरा सवाल है कि क्या प्रशासनिक तौर पर कोई हल ढूंढा जा सकता था?’ (विस्तार से)

केंद्र सरकार राजकोषीय घाटा कम करने के अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटेगी : आर्थिक सलाहकार परिषद

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य और अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार राजकोषीय घाटे को कम करने के अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटेगी. उन्होंने आर्थिक मंदी की आंशकाओं के चलते मोदी सरकार के राजकोषीय सुदृढ़ीकरण के लक्ष्य से पीछे हटने की संभावना को खारिज कर दिया. सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी कहा था कि कारोबारियों को आर्थिक पैकेज देने का सरकार का कोई इरादा नहीं है. (विस्तार से)

कोरियाई प्रायद्वीप पर कभी भी परमाणु युद्ध भड़क सकता है : उत्तर कोरिया

उत्तर कोरिया ने कोरियाई प्रायद्वीप के मौजूदा हालात को चिंताजनक बताया है. संयुक्त राष्ट्र में उत्तर कोरिया के उपराजदूत किम इन-रयोंग ने कहा कि यहां पर कभी भी परमाणु युद्ध भड़क सकता है. संयुक्त राष्ट्र आम सभा की निशस्त्रीकरण समिति के सामने उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया दुनिया में अकेला देश है, जिसे 1970 के दशक से अमेरिकी परमाणु हमले के प्रत्यक्ष खतरे का सामना करना पड़ रहा है. (विस्तार से)

माल्टा : पनामा पेपर्स जांच का नेतृत्व करने वाली खोजी पत्रकार की कार बम धमाके में मौत

माल्टा की चर्चित खोजी पत्रकार डैफनी करुआना गलीजिया की एक कार बम धमाके में मौत हो गई. सोमवार को घर से निकलने के बाद उनकी कार में एक जबरदस्त धमाका हुआ, जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई. डैफनी करुआना गलीजिया ने पनामा पेपर्स के जरिए अपने देश में विदेशी टैक्स हैवन से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों का खुलासा किया था. (विस्तार से)

अफगानिस्तान : अलग-अलग आतंकी हमलों में 61 लोगों की मौत

अफगानिस्तान में तालिबान के घातक हमलों का सिलसिला जारी है. तालिबान ने मंगलवार को दो प्रांतों में हमला किया, जिसमें कम से कम 61 लोग मारे गए. तालिबान ने पाकतिया प्रांत की राजधानी गारदेज में अफगान पुलिस मुख्यालय को निशाना बनाकर आत्मघाती कार बम धमाका किया. इसमें प्रांत के पुलिस प्रमुख सहित कम से कम 33 लोग मारे गए और 160 से ज्यादा घायल हो गए. (विस्तार से)

LEAVE A REPLY