मानवाधिकार आयोग ने हमीदिया में असुविधाओं पर मांगा जवाब

मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग ने राजधानी भेापाल के सबसे बड़े अस्पताल हमीदिया में उपकरणों की कमी के चलते लोगों को हो रही असुविधा पर संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों से जवाब तलब किया है।

आयोग के जनसंपर्क अपर संचालक एलआर सिसोदिया की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक आयोग ने अस्पताल के आॅपरेशन थियेटर में जरूरी उपकरणों का अभाव होने पर संज्ञान लेते हुए अस्पताल के अधीक्षक, भोपाल संभागायुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के आयुक्त एवं प्रमुख सचिव से प्रतिवेदन मांगा है।

आयोग ने उमरिया जिले के बिरसिंहपुर निवासी रामकृपाल बर्मन की उपचार के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मृत्यु के बाद एम्बुलेंस नहीं मिलने के चलते शव को ठेले पर ले जाने की घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से प्रतिवेदन तलब किया है।

आयोग ने जिले में शासकीय या अशासकीय शव वाहनों की स्थिति के बारे में भी जानकारी मांगी है। आयोग ने सीहोर जिला अस्पताल में डाॅक्टरों की लापरवाही के कारण प्रसूता सुजाता परमार की मृत्यु पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सीहोर से प्रतिवेदन चाहा है।
वहीं देवास जिले के सोनकच्छ के ग्राम बरोली के कृषक सोहनलाल बलाई द्वारा सोयाबीन फसल के कम उत्पादन और बैंक के कर्ज से परेशान होकर खेत पर कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर लेने की घटना पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक देवास से प्रतिवेदन तलब किया है।

भोपाल के बड़े तालाब के किनारे भोपाल नगर निगम द्वारा कचरा डंप किए जाने की घटना पर आयोग ने संज्ञान लिया है।
इस सिलसिले में आयोग ने निगम आयुक्त से प्रतिवेदन तलब किया है।

आयोग ने निगम आयुक्त से यह जानकारी चाही है कि बताये गये स्थान पर कचरा डम्प किये जाने का निर्णय किस आधार पर लिया गया है, क्या इससे तालाब का पानी प्रदूषित और उपयोगहीन होने की आशंका है। तालाब का पानी पीने और उपयोग योग्य रहे इसके लिए क्या सुरक्षात्मक उपाय किये गये हैं और उन पर देखभाल की क्या व्यवस्था की गई है।

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