मध्य प्रदेश विधानसभा में जीएसटी बिल को मिली मंजूरी

मध्य प्रदेश विधानसभा ने बुधवार को जीएसटी विधेयक को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। इसके साथ ही नर्मदा नदी को जीवित इकाई मानने का संकल्प भी पारित हो गया। इन कामों के लिए बुधवार को राज्य विधानसभा की एक दिन की विशेष बैठक बुलाई गई थी।
जीएसटी बिल पर चर्चा के लिए सदन में एक घंटे का समय निर्धारित किया गया था। इस दौरान कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत ने आरोप लगाया कि जीएसटी का ड्राफ्ट खुद मध्य प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने ठीक से नहीं पढ़ा है।

ड्राफ्ट में किसान की परिभाषा में हिंदू शब्द जोड़ा गया है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या दूसरे धर्म के लोग खेती नहीं करते? रावत ने कहा कि पूरे देश में पेट्रोल के दाम एक समान होने चाहिए। इसके लिए सरकार को पेट्रोलियम उत्पादों पर भी जीएसटी लागू करनी चाहिए।

इससे पहले वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जयंत मलैया ने इसे सदन के समक्ष विचार के लिए पेश किया। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने इसका समर्थन करते हुए इसके लिए यूपीए के योगदान का उल्लेख किया। वहीं सत्तारूढ़ भाजपा के विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रेय देने का प्रयास किया।

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